भारत को नरेंद्र मोदी ही क्यों चाहिए?-सुहेल सेठ

मैं एक खुलासा करने जा रहा हूं। मैंने शायद मोदी और गोधरा कांड के बाद से मोदी की कारगुजारियों के खिलाफ सबसे ज्यादा लिखा है। मोदी को मैंने आज का हिटलर भी बना दिया। अक्सर अपने लेखों में मैंने यह धारदार तरीके से कहा है कि मोदी का कुकृत्य न सिर्फ उनके लिए बल्कि भारतीय राजनीति के लिए एक कलंक बना रहेगा। मैं तो आज भी मानता हूं कि गुजरात में गोधरा के दंगों में जो कुछ हुआ देश को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। मगर हकीकत यह है कि मोदी ने उस कालचक्र को ही आगे बढ़ा दिया । मोदी को गोधरा दंगों के बाद देश का सबसे सांप्रदायिक राजनीतिज्ञ करार दिया गया मगर यह हैरान कर देने वाली बात है कि धर्मनिरपेक्षता की मसीहा कांग्रेस पर भी १९८४ में वह दंगे कराने का आरोप है जिसमें ३५०० सिख मारे गए थे। जबकि गुजरात के दंगे में इससे तीनगुना कम लोग मारे गए थे। सांप्रदायिकता की किसी व्याख्या से परे हकीकत यह है कि भारतीय राजनीति में मोदी से बेहतर प्रशासक कोई नहीं है। तीन सप्ताह पहले (सुहेल सेठ का मूल लेख छपने की तारीख के हिसाब से)मैं अमदाबाद गया था। मुझे लगा कि यह मोदी से मिलने का अच्छा मौका है।मैंने एप्वाइंटमेंट मांगा और उसी दिन का समय मिल गया जिस दिन मैं अमदाबाद पहुंचा। सरकारी तामझाम से अलग मेरी मुलाकात मोदी से उनके घर पर ही हुई। वह भी उसी तरह जैसे खुद मोदी अपने घर में दिखते हैं। मोदी का घर और रहनसहन देखकर मैं हतप्रभ था। यह कुछ ऐसा था जिसे मायावती और गांधी के झंडाबरदारों को भी मोदी से सीखना चाहिए। मोदी के घर में सेवकों की भीड़ नदारद थी। कोई सचिव या सहायक भी मुश्तैद नहीं था। सिर्फ हम दो और एक सेवक था जो हमारे लिए चाय ले आया था। यह मोदी का वह आभामंडल था जिसमें गुजरात का विकास और राज्य के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर करने की दृढ़ता दिखाई दे रही थी। सच भी है। आज सिंगापुर में गुजरात का दूध बिकता है।अफगानी खाते हैं गुजराती टमाटर। कनाडा में भरा पड़ा है गुजरात का पैदा किया हुआ आलू। यह सब विकास की हार्दिक कामना व कोशिश के बिना संभव नहीं । मोदी ने संभव कर दिखाया है। इतना ही नहीं साबरमती के तट पर एक ऐसा औद्योगिक शहर बनाया जाना प्रस्तावित है जिसे देखकर दुबा और हांगकांग को भी झेंप महसूस होगी। वह मोदी ही हैं जिसने सभी नदियों को आपस में जोड़ा जिसके कारण अब साबरमती नदी सूखती नहीं।

गुजरात में नैनो

मोदी ने यह भी बताया कि कैसे नैनो परियोजना को गुजरात लाने में उन्होंने उत्सुकता दिखाई। रतन टाटा को प्रभावित करने के लिए उस पहले पारसी पुजारी नवसारी की कथा सुनाई। नवसारी पुजारी पहला पारसी पुजारी था जो गुजरात आया था। उस समय के गुजरात के शासक ने एक गिलास दूध भिजवाकर कहलवाया कि उनके यहां कोई जगह नहीं है। तब पुजारी ने दूध में शक्कर मिलाकर वापस भिजवाया और कहा कि शक्कर में दूध की तरह ही वे स्थानीय लोगों से घुलमिल जाएंगे। इससे गुजरात को फायदा ही होगा। अर्थात वह हर कोशिश मोदी गुजरात के लिए कर रहे हैं जो राज्य को संपन्न और मजबूत बनाए। अपने इसी हौसले के कारण मोदी अब भाजपा का वह तुरुप का पत्ता हैं जिसे आडवाणी के बाद इस्तेमाल किया जाता है।

आतंकवाद के खिलाफ रणनीति

मोदी मानते हैं कि देश के पास आतंकवाद से लड़ने की कोई रणनीति नहीं है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने दिल्ली के बम धमाकों के बारे में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और सुरक्षा एजंसियों को आगाह किया था मगर उन्होंने इस सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा सामने था कि १३ सितंबर को दिल्ली में बम धमाके हुए। आतंकवाद से जूझने की स्पष्ट रणनीति के अभाव में ही हम झेल रहे हैं आतंकवाद। 

कुल मिलाकर मोदी व्यावसायिक प्रगति के लिए कानून व व्यवस्था को समान तरजीह देते हैं। काम करने के तरीके और अपनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीरता ने साबित कर दिया है कि वे गुजरात के प्रति कितने समर्पित हैं। उनसे मिलने के बाद जब लौटने के लिए कार में बैठा तो अपने ड्राईवर से पूछा कि कैसे हैं नरेंद्र मोदी ? साधारण से उसका जवाब था- मेरे लिए तो भगवान हैं। यह तथ्यगत बात है कि मोदी से पहले गुजरात को पास उतना कुछ नहीं था जो आज है। न रोड था, न बिजली और न मूलभूत ढांचा। आज गुजरात के पास अतिरिक्त बिजली है। गुजरात अब दूसरे राज्यों से ज्यादा उद्योगपतियों को आकर्षित करता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी गुजरात को ही तरजीह देती हैं। यही वह कुछ है जो मोदी ने गुजरात को दिया है और बाकी राज्यों में नहीं है। जिस कार्यक्रम में मैं गया था वहां लोगों से नरेंद्र मोदी के बारे में पूछा तो जवाब था-- अगर भारत के पास ऐसे पांच नरेंद्र मोदी होते हमारा देश महान हो जाता। अब मुझे भी पक्का भरोसा हो गया था कि सच में भारत को ऐसा ही युगपरिवर्तक नरेंद्र मोदी चाहिए।

---------------- Note: Content of this blog post is writer's personal opinion and may not be SanghParivar.org or Sangh's view.

Comments

umesh.bhatt's picture

Yes Modi Ji is the need of

Yes Modi Ji is the need of the hour, the sheer commitment he has for the development of Gujrat is remarkable.
He has been a source of inspiration to the people. he has instilled a sense of pride and enthusiasm in the ppl of Gujrat. I salute modi ji for his awesome record in public service and Gujrat success story.

~ Umesh

sudhirdash's picture

narendra modi should b our

narendra modi should b our PM now.becoz he is the only person who can do the justice 2 hindu's.otherwise few days later hindustan will converted 2 chistianstan or muslimstan.

deepak sharma's picture

sach main hame narender modi

sach main hame narender modi jaise netao ki jarrorat hai

deepasharma's picture

wah bhai wah,,,,,,,, tum

wah bhai wah,,,,,,,, tum avval darje ke murkh ho. modi ke ghar jate hi apna dharm bhul gaye. kya behtar parshask hona uske gunaaho ko kam kar dega,,, usne bharat ka naam mitti me mila diya,,, hinduon ko badnaam kar diya,, log thukte hain kabhi videsh jao to pata chale ki kitna badnaam hai modi,,,,,, wo hatyara hai or raajdharm ke yogay nahi hai

ajit_chauhan's picture

Eminent writer-activist

Eminent writer-activist Mahashweta Devi, recently praised Gujarat, "I have been to Gujarat many times, especially during the 2002 communal killings. ..I was deeply impressed to see the strong work culture in Gujarat. The city and village roads are well-built, even the remotest villages have electricity and access to drinking water. I was especially impressed with the medical facilities in the panchayats and local-level health centers..." Comparing to the over 30 years of the communist Government rule in West Bengal, she summarizes, "...Not at all like West Bengal where, even now, villages and panchayat areas have hardly any electricity. The government’s so-called "swasthya pariseva" (healthcare service) is totally non-existent."
The fact of the matter is that there is no better performer than Narendra Modi in India’s political structure.
In Narendra Modi, India has a politician with most required qualities to change the tide. It is not any exaggeration to say that, after his experience and experimentation with Gujarat, he probably has the answers to all the problems that the nation is facing today. He is not only the best choice but perhaps the only choice to lead the country.

The so called Gujarat model of development is nothing but the result of hard work of a visionary. There is no reason why it cannot be extended to the rest of India.

sumantv's picture

कांग्रेस

कांग्रेस हमेशा गुजरात दंगों की बात करती है, लेकिन गोधरा के अग्नि-काण्ड को भूल जाती है; बांग्लादेशी घुसपैठियों की सहायता के प्रति चिंतित रहती है, लेकिन जमू-काश्मीर से निर्वासित पंडितों को उपेक्षित करती है; बजरंग दल और शिव-सेना के सदस्यों को सांप्रदायिक गुण्डे कहती है और नक्सलियों को भटके हुए नौजवान बताती है; ऐसी मानसिकता वालों से इसके सिवाय और क्या अपेक्षा की जा सकती है कि वे मोदी को फाँसी दे देने और अफज़ल गुरु और अजमल कसाब को न्याय दिलाने की बात करेंगे। उन्हें 1969 के गुजरात दंगे याद नहीं आते, उन्हें 1984 के दंगे याद नहीं आते, उन्हें सिर्फ गुजरात दंगे याद हैं और बार-बार पिट चुके उसी दाँव को दोहराते रहते हैं, जिसे गुजरात का मतदाता लगातार तीन विधानसभा चुनावों, दो लोकसभा चुनावों और असंख्य स्थानीय चुनावों में नकार चुका है। कम से कम अब तो कांग्रेस को सच स्वीकार करते हुए मोदी के खिलाफ किये गये दुष्प्रचार और सतत उनका अपमान करने के लिये उनसे और पूरे देश से माफी माँग लेनी चाहिए।

pankajshukla's picture

aapne bahut hi badiya likha

aapne bahut hi badiya likha hai kamna karata hoon ki aage bhi aapke vichar padne ko milte rahenge

piyush3001's picture

Jai ho Madam ki .. The great

Jai ho Madam ki .. The great pseudo secularism... :)

dharmendra singh lodhi's picture

rss ek achchi sansta hai.yah

rss ek achchi sansta hai.yah vyakti nirman ki karyashala hai.rashtra wadi sanstha hai.

atulkuma365's picture

Really No doubt Modi is

Really No doubt Modi is great chief Minister , Every politician should be inspired to him , becoz he is good for good person and bad for bad person , and he living for gujrat No doubt.