मुस्लिमों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस हराम!
नई
दिल्लीः
इस्लामिक
संगठनों ने
हेल्थ
इंश्योरेंस
पॉलिसी को
गैरकानूनी
बताया है और
मुसलमानों को
इससे दूर रहने
के लिए कहा है।
संगठनों ने
हेल्थ
इंश्योरेंस
पॉलिसी की
तुलना जुए से
की
है।
'
इस्लामिक
कानून शरीयत
के मुताबिक
हेल्थ
इंश्योरेंस
मुनासिब है या
नहीं' पर चर्चा
के बाद
इस्लामिक
फिकह अकैडमी
(इंडिया) ने
फैसला सुनाया
कि इस तरह की
पॉलिसी करना
इस्लाम के
खिलाफ है। तीन
दिनों तक चले
इस इस सेमिनार
में दारुल
उलूम देवबंद
और जमीयत
इस्लामी सहित
300 मदरसों के
प्रतिनिधियों
ने हिस्सा
लिया।
सेमिनार
में यह नतीजा
निकला कि
हेल्थ
इंश्योरेंस
जुए की तरह ही
है। हेल्थ
इंश्योरेंस
स्कीमें अब
धंधे में
तब्दील हो गई
हैं। इसे
देखते हुए
मुसलमानों को
हेल्थ
इंश्योरेंस
कराने की
मंजूरी नहीं
है। हालांकि
अकैडमी ने कहा
कि अगर कोई
शख्स किसी
कानूनी बंदिश
के तहत हेल्थ
इंश्योरेंस
कराता है, तो
असामान्य
हालात को
देखते हुए उसे
इसकी अनुमति
दी जा सकती है।
इस स्थिति में
रोगी को कंपनी
से मिले दावे
की रकम का कुछ
हिस्सा
अल्लाह की
सेवा में खर्च
करना होगा।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/2931009.cms
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