निर्बलों की बलि ----------------

सदा निर्बलों की बलि चड्ती है जैसे ईद पर बकरॉ और बकरियों की किन्तु शेरों या भेडियों की नहीं वैसे ही सदा हिन्दुओं की बलि चड रही है | मुस्लमान , ईसाई  , सिख आतंकियों द्वारा हिंदुओं की बलि|
हिंदुओं को सबल होना होगा अन्यथा मरते रहें गे , बलि देते रहें गे , मुस्लमानों , ईसाईयों , सिखों  आतंकियों  आदि आदि द्वारा |
हिंदू सबल कैसे हों ?
 १ ) हिंदू-मंदिरों द्वारा ही सबल हो सकते हैं अन्यथा नहीं----!!!!
  सब मंदिरों को संघटित होना हो गा | हिंदू , मंदिरों में चडावा चडातें हैं | उस चडावे से हर मंदिर मानव - अधिकार संस्थाएं , हिंदू - संघटन - संस्थाएं , हिंदू - रक्षा - संस्थाएं , हिंदू - सहायता - संस्थायें आदि आदि बनाएं |
 २ ) जब भी किसी भी हिंदू पर या हिंदुओं पर या हिंदू - संस्था पर आपत्ती आए तो सब मंदिर , सब संस्थाएं  एक साथ उन की सहायता करें |
 ३ ) इन संस्थाओं और मंदिरों द्वारा --जो भी हिंदू - विरोद्धि - बातें हों उन पर कडा विरोद्ध हो जैसे मुस्लमान करते हैं |
 ४ ) मंदिरों में हिंदू - इतिहास बताया जाए , मुस्लमान और ईसईयों के अत्याचारों की चर्चा हो , मकाले MACAULAY- EDUCATION - SYSTEM  और एन.सी.ई.आर.टी.  NCERT  का उद्देशय बताया जाए ,
 ५ ) हर मंदिर में हिंदू धर्म की महानता और दुसरे धर्मों ने जो अत्याचार हिंदुओं पर किये हैं उन का ब्खान हो |
 ६ ) जैसे मस्जिदों , चर्चों में हिंदू धर्म और हिंदुओं की निन्दा की जाती है वैसे ही मंदिरों में मुस्लिम धर्म और मुस्लमानों की , ईसाई धर्म और ईसाईयों की निन्दा हो |
 ७ ) जैसे मस्जिदों और चर्चों में उत्तेजित भाशण होते हैं वैसे ही मन्दिरों में हों | ऐसा करने पर हिंदू - भाशण - कर्ताओं को बंदी बनाया जाए गा तब सब हिंदू  पथों [ सडकों ] पर आ जाएं मुस्लमानों और ईसाईयों की भांति और मस्जिदों और चुर्चों को जलाना आरम्भ कर दें | पूर्व - विचार से  ये सब एक साथ हो , सब हिन्दुओं द्वारा हों |
हिंदुओं को ये बलि देनी होगी अवस्था सुधारने के लिये अन्यथा हर दिन मुस्लमानों और ईसाईयों द्वारा बलि देते रहें गे और समाप्त हों गें |
 हिंदुओं को शिवा जी , ताना जी , बाजी राओ , नथु राम गोडसे बनना हो गा | झांसी  की रानी ,रानी दुर्गा वती, कित्तूर की रानी , रानी अब्बक्का , तारा बाई ,अहिल्या बाई होल्कर बनना हो गा |
कलि युग के राक्षस मुस्लमान और ईसाईयो को समाप्त करना होगा जैसे सत युग के राक्षस महीशा-असुर , चंड, मुंड और उन के  साथियों को भगवती दुर्गा ने , त्रेता युग में रावण , कुम्भकरण और उन के साथियों को भगवान राम ने , द्वापर युग में कंस , शिशुपाल , कौरवों और उन के साथियों को भगवान कृश्ण ने समाप्त किया वैसे ही अब सब हिंदुओं को मिल कर एक साथ कलि युग के राक्षसों को समाप्त करना हो गा अन्यथा वे हिंदुओं को  समाप्त कर दें गे |
हिंदू जागो ! जागना हो गा ! नहीं तो समाप्त होना होगा ! निर्णय हिंदुओं के हाथ में है |

 ८ ) ""सब धर्म अच्चे हैं"" ये कहना बन्द करे ! मुस्लमानों और ईसाईयों के अत्याचारों का ब्खान करे | ""सब धर्म एक समान हैं""ये भी कहना बन्द करें  ""सब धर्म एक समान नहीं हैं""हिंदू --- गौऊ-रक्षा करतें हैं | मुस्लमान और ईसाई ---गौऊ भक्षण करते हैं | हिंदू---""सारा संसार एक कटुम्ब है""| मुस्लमान कहते हैं -- ""काफ़िरों को मारो और मुस्लमान बनाओ ""ईसाई कहते  हैं --- अधर्मियों को जो ईसाई नही हैं उन्हें ईसाई बनाओ या मार दो ""तो सब धर्म अच्चे कैसे हुए ?
हिंदू जागो ! जागना हो गा ! नहीं तो समाप्त होना होगा ! निर्णय हिंदुओं के हाथ में है

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