राजू बनकर शादी की और अब तलाक के लिए धमकी
मेरठ। प्यार, शादी, धोखा और तलाक, समाज में इन चार शब्दों का खेल चल
रहा है और इसके चलते ही तमाम खिलवाड़ हो रहे हैं। एक हिन्दू युवती के साथ
भी कुछ ऐसा ही हुआ। मुस्लिम युवक ने राजू बनकर प्यार किया, शादी की और अब
तलाक की नौबत ला दी। युवती की इसके चलते कई बार पिटाई की गई। युवती पुलिस
तक पहुंची तो खानापूर्ति कर दी गई। युवती अपने चार साल के बच्चे के साथ दो
राहे पर खड़ी है और कहीं से न्याय नहीं मिल रहा है। एसएसपी से मिली तो
उन्होंने महिला थाने को कार्रवाई के लिए लिखा है।
यह कहानी गौरी नाम की युवती की है। जागृति विहार सेक्टर सात की रहने
वाली गौरी से माधवपुरम में रहने वाले युवक इमरान पुत्र फिरोज खान ने शादी
की। उसने अपना नाम गौरी को राजू बताया और इसके चलते ही वह उसके प्रेम जाल
में फंस गई। उसने शादी की और फिर उसके साथ ही शहर के हिन्द बाहुल्य इलाकों
में नाम बदलकर रहता रहा। इस बीच उनके एक बच्चा भी हुआ जो इस वक्त चार साल
का है। गौरी को जब असलियत पता लगी तो देर हो चुकी थी। फिर भी उसने सब्र का
घूंट पी लिया और उसे उसी रूप में अपना लिया। गौरी का आरोप है कि इसके बाद
इमरान का व्यवहार बदलना शुरू हो गया। आये दिन इमरान के परिजन भी तंग करने
लगे और दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 25 अप्रैल को सुबह दस बजे
इमरान और उसके रिश्ते के भाई सरफराज जो एक शातिर किस्म का अपराधी है, के
अलावा परिजनों ने उसके साथ बुरी तरह से पिटाई की और कहा कि लगातार बहकाती
चली आ रही है। पांच लाख रुपये लाकर दे, नहीं तो समझ ले कि हो गया तलाक।
गौरी का आरोप है कि उसने विरोध किया तो जमकर पिटाई की गई। उसका गला दबाकर
मारने की कोशिश की गई। किसी तरह से मोहल्ले के लोगों ने बचाया। परिवार
वाले इमरान को यह कहते हुए अपने साथ ले गए कि अब उसकी दूसरी शादी करके
पांच लाख रुपये दहेज वसूल लेंगे। तुझे भी इतना बदनाम कर देंगे कि कभी एक
साथ नहीं रह सकेगी।
गौरी का कहना है कि पति और उसके परिवार वालों के उत्पीड़न से आजिज आकर
उसने 13 मई को तहसील दिवस में जिलाधिकारी को भी एक प्रार्थना पत्र दिया और
उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया पर कुछ हुआ नहीं। जब वह लौटी तो पता
चला कि प्रार्थनापत्र ब्रह्मापुरी थाने भेजा गया था और वहां से कार्रवाई
की बजाय पुलिस ने पैसा लेकर इमरान का धारा 151 में चालान कर कर्तव्य की
इतिश्री कर ली। उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। गौरी का आरोप है कि जब
वह पांडवनगर में रहती थी, तब भी उसके पति और उसके परिवार वालों ने जमकर
पिटाई की थी। इस मामले में सिविल लाइन इंस्पेक्टर ने शपथपत्र लेकर
समझौतानामा कराया था, लेकिन फिर स्थिति ढाक के तीन पात ही रही। इस मामले
को लेकर गौरी बच्चे के साथ एसएसपी से मिली और उन्हें प्रार्थना पत्र
सौंपकर पूरी स्थिति से अवगत कराया तथा पति के अलावा ब्रह्मापुरी पुलिस के
खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जिसने मामला दबा दिया। एसएसपी ने महिला थाने
की एसओ को कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। देखना यह है कि क्या राजू बनकर
नाटक रचने वाला इमरान और उसका परिवार गौरी को अपना पाएगा?
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_4496221_1.html
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