शादी के लिए मुसलमान बनाना गुनाह : दारुल उलूम

नई
दिल्ली

:

दुनिया के
मशहूर
इस्लामी
अध्ययन
संस्थान,
सहारनपुर
स्थित दारुल
उलूम देवबंद
ने फतवा जारी
कर कहा है कि
सिर्फ शादी या
वासना के लिए
किसी हिंदू
लड़की का धर्म
परिवर्तन
करना इस्लाम
के खिलाफ है।
इस तरह किसी को
मुसलमान
बनाने वाले
व्यक्ति को
अल्लाह का कहर
झेलना पड़
सकता है। फतवे
में कहा गया कि
अल्लाह उस
लड़की से भी
खुश नहीं होगा
जिसने सच्चे
इरादे से
इस्लाम कबूल
नहीं किया,
बल्कि
मुसलमान
लड़के से केवल
शादी का
रास्ता साफ
करने के लिए
ऐसा
किया।

दारुल
उलूम से एक
व्यक्ति ने
सवाल किया था,
जिसके जवाब
में फतवा जारी
किया गया।
फतवा मांगने
वाले के
अनुसार शरीयत
में मुस्लिम
गर्लफ्रेंड
रखने की भी
अनुमति नहीं
है, जबकि उसके
एक मुस्लिम
दोस्त की
हिंदू
गर्लफ्रेंड
थी। बाद में यह
दोस्ती शादी
में बदल गई और
उस लड़की ने
इस्लाम कबूल
कर लिया। इस
व्यक्ति ने
अपने एक अन्य
दोस्त का
हवाला दिया, जो
दोस्ती तो दूर
किसी लड़की से
आंख तक नहीं
मिलाता। उनसे
बात नहीं
करता। उसे डर
है कि ऐसा करना
अल्लाह के
निर्देशों का
उल्लंघन
होगा।

फतवा
मांगने वाले
ने कहा कि
लेकिन ऐसे नेक
लड़कों
द्वारा किसी
लड़की को
मुसलमान
बनाने जैसे
नेक काम की सभी
संभावनाएं भी
खत्म हो जाती
है। उसने सवाल
किया कि ऐसे
में अल्लाह को
गैर-मुस्लिम
लड़की से इश्क
करके उसे
मुसलमान बना
शादी करने
वाला ज्यादा
अजीज़ होगा या
वह दूसरा
दोस्त जो किसी
लड़की से
दोस्ती नहीं
करने के कारण
किसी गैर-मजहब
लड़की को
मुसलमान
बनाने की सारी
संभावनाएं खो
चुका
है।

दारुल
उलूम ने कहा कि
निस्संदेह
अल्लाह को
किसी लड़की से
इश्क करके उसे
मुसलमान
बनाने वाले से
कहीं ज्यादा
प्रिय वह
लड़का होगा, जो
किसी लड़की के
इश्क या वासना
का शिकार नहीं
हुआ। उसने
चरित्रवान
रहने के
अल्लाह के
निर्देशों का
पालन किया
इसलिए वह उसे
किसी हिंदू
लड़की को
मुसलमान
बनाने वाले
लड़के के
मुकाबले कहीं
अधिक प्रिय
होगा। दूसरी
ओर गैर-मजहबी
लड़की को
मुसलमान
बनाने वाला
लड़का वासना
का शिकार हुआ
और बड़ा पाप
किया। ऐसा
व्यक्ति
अल्लाह का
प्रिय होना तो
दूर, उसके
अभिशाप तक का
शिकार बन सकता
है।

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