गुटखा ITC और शराब पर पाबन्दी लगनी चाहिए इस देश में ?????
काका, बाबा, गुरु क्या है ये सब ???????
हमारे समाज के आदरणीय लोगो के नाम जिन्हें हम सम्मान से देखते हैं ?????
नहीं ये तीनो ही उत्तर भारत में बिकने वाले गुटखे के नाम हैं !! अफ़सोस की बात है जिनकी हम कभी इज्ज़त किया करते थे आज उन्हें गुटखा बना दिया ! वो भी जर्दे का गुटखा जिससे लाखो लोग हर साल कैंसर से मरते हे, ये बहुत ही शर्मनाक है
हमारे देश की आधे से ज्यादा गन्दगी इस गुटखे के कारन होती है चाहे वो सरकारी ऑफिस हो ट्रेन हो बस या फिर सड़के , यहाँ तक के रहने वाले घरों की इमारतों तक के हर कोने में गुटखे की गन्दगी आप को दिख जाएगी और उससे जो गन्दगी फैलती है वो अलग जिससे मलेरिया और डेंगू जैंसी बीमारियाँ पनपती हैं !!!!
और आप किसी भी कैंसर अस्पताल में चले जाइये सबसे ज्यादा कैंसर ये गुटखा और सिगरेट वालों को ही होते हैं जिनमे कम उम्र के काफी लोग होते हैं !! कितने ही लोग कैंसर से मरते हैं इसके कारन !!!!
अब रही सिगरेट की बात इससे पर्यावरण का नाश तो होता ही है साथ ही लोगो को कैंसर भी होता है और साथ ही उन लोगो को भी कैंसर होता है जो उनके साथ रहते हैं ????
आज कई देशों के वैज्ञानिक ये साबित क्र चुके हैं के सिगरेट पीने वाले से ज्यादा खतरा उसके साथ रहने वाले को होता हे कैंसर का क्योंकि उसका immune सिस्टम उस चीज़ के लिए तयार नहीं होता , और कई सिगरेट पीने वाले कहते हे तुझे कैंसर हो गया मुझे नहीं और उनका मजाक उड़ाते हे जो सिगरेट नहीं पीते वो मुर्ख ये नहीं जानते के उनके दोस्त को कैंसर उन्ही के साथ रहने के कारन हुआ हे और उन्हें भी थोड़े दिन में होगा पर सिर्फ फिल्मो में हीरो को देखकर वो उसकी नक़ल करने के लिए सिगरेट पीते हे !!१
कुछ युवा तो सिर्फ इसलिए सिगरेट पीते हे के उनकी बाकियों पर धाक जम जाएगी या लोग सोचेंगे इसकी बहुत दादागिरी हे , या कुछ ये तर्क देते हैं ये तो मर्दों की निशानी हैं बच्चे क्या पियेंगे ,इस तर्क को देकर कई नौजवान बच्चों को बहकाया जाता है............मैं इस तर्क का सिर्फ एक वाक्य में जवाब देना चाहूँगा :-
"जिनमे मर्दों वाली और कोई बात नहीं होती वो सिगरेट पीकर या गुटखा खाकर अपनी मर्दानगी को साबित करते हैं "
अब ये सिगरेट दारू और गुटखा इनकी खामियां और बुराइयाँ हम सभी को पता है फिर मैंने ये क्यों लिखा यहाँ !!
क्योंकि असली बात में अब करूँगा मेरे कुछ सवाल हे भारत की सरकार से और कुछ तर्क जो भारत की सरकार देती है उनके जवाब :-
१) पहला और आखिरी सवाल सरकार इन सब चीज़ों पर ban क्यों नहीं लगाती और इन्हें बंद क्यों नहीं करती जबकि सभी जानते हैं के इनके इतने नुक्सान हैं????????????????????
सरकार के तर्क :---
१) ITC जैंसी विदेशी कंपनी भारत में पैसा लगा रही हैं और पैसा आ रहा है भारत के राजकोष में!
2) ITC और दूसरी गुटखे शराब की कंपनी से लोगो को रोज़गार मिलता है ??
3) ये बहुत सारा TAX देती हे ??
4) लोगो को ये पसंद है ????
इन चारो तर्कों का जवाब में अभी देता हूँ :-
१)ITC जैंसी विदेशी कंपनी भारत में पैसा लगा रही हैं और पैसा आ रहा है भारत के राजकोष में!
जवाब :- कोई भी कंपनी जब तक काम नहीं करती जब तक उसे मुनाफा न हो !! एक छोटा सा दुकानदार भी दुकान तब खोलता हे जब उसने 10 RS लगाये हो और 15 मिले !!! ये सभी कंपनी वेदेष से आती हैं और निवेश करती हे कुछ लाख का और ले जाती हैं कई करोड़ .
2) ITC और दूसरी गुटखे शराब की कंपनी से लोगो को रोज़गार मिलता है ??
जवाब :- जितने भी मजदूर इनके यहाँ काम करते हैं उनमे अद्धे से ज्यादा को कैंसर हो जाता है दिन भर तम्बाकू में काम करके, और वो खुद भी सिगरेट गुटखा बीडी पीने लगते हे , और वो उसमे काम नहीं करना चाहते हैं , ये उनकी मजबूरी हे , कई सारे गरीब बच्चे तक वह काम करके गुटखे की लत का शिकार होते हैं ,उन गरीबों को सर्कार अगर कही और अछी नौकरी दे तो वो कभी इसी जगह काम नहीं करेंगे ,
पर सर्कार को तो वो ही रोज़गार देना है जिसमे उन्हें रिश्वत मिल जाये भले ही देश के लाखो लोग कैंसर से मर जाये .
3) ये बहुत सारा TAX देती हे ??
जवाब :- ये जितना ज्यादा टैक्स देंगी इसका मतलब इन्होने उतने ज्यादा लोगो को नशे की लत का शिकार बना लिया है , देश के लोगो को बीमारी और चरित्रहीनता देती हैं ये सिगरेट और शराब ,. ये कंपनियां जितना TAX देती हैं उससे कई करोड़ ज्यादा अपने देश से मुनाफा कमा कर ले जाती हैं और देश की काम कर सकने वाली पीड़ी युवाओं को नशे की लत लगा जाती है , जिससे देश में काम न हो .
4) लोगो को ये पसंद है ????
जवाब :- गुजरात सर्कार ने शराब पर पाबन्दी की है क्यों नहीं पुरे देश में हो सकती और जिन बी लोगो को ये पसंद है उन्हें कैंसर होगा सब मरेंगे उनके कारन हम देश के आने वाले बचो का भविष्य तो ख़राब नहीं कर सकते ना ....कितने ऐसे बाप हैं जो खुद नशा करते हैं और चाहते हैं उनके बच्चे भी करे एक भी नहीं , क्योंकि वो जानते हैं के ये गलत हैं , इसके नुक्सान हैं , उन्हें इसकी लत लगी है , अगर चीज़ होती ही नहीं तो लत भी नहीं लगती .
और रही बात लोगो की पसंद की तो कई लोगो को क़त्ल करना पसंद है , किसी को चोरी , कर दो सब LEGAL , लोगो की पसंद की बात है न ....लोग तो ये भी चाहते हैं के कसाब और अफसल गुरु को फाँसी हो वो क्यों नहीं करते ......सब सिर्फ रिश्वतखोर नेता चाहते हैं, क्योंकि उन्हें रिश्वत लेना है इन दारू , सिगरेट और गुटखे की कंपनियों से .
कुछ तथ्य में जरुर पेश करना चाहूँगा :-
१) ITC कंपनी जो सिगरेट बनती हे हर साल १ करोड़ से ज्यादा पेड़ काट देती है , क्योंकि सिगरेट बनाने में सबसे अची quality का paper उपयोग होता है , साथ ही इसके डब्बे बनाने में और इसके बेनर और विज्ञापन बनाने में भी जो कागज खर्च होता है , वह सब हमारे पर्यावरण का नुकसान करके और पेड़ काट कर ही होता है और साथ ही सिगेराते के धुए से भी पर्यावरण का ही नाश होता है
"अफ़सोस एक गरीब अगर अपनी रोजी रोटी चलने एक पेड़ जंगल का काट के बेच दे तो उसे जेल हो जाती है शर्मा आणि चाहिए इसे घटिया inidan forest act कानूनों पर जो ITC जैंसी कंपनी के तलवे चाटते हैं .और गरीबों को अनदेखा करते हैं "
2) हर साल हमारी सरकार कैंसर के मरीजों पर 100 करोड़ से ज्यादा खर्चा करती है जो कैंसर इन सिगरेट शराब और गुटखा जैंसी कंपनियों की वजह से होता है!!
"मगर एक गरीब क्या लाखों भारतीय भले ही मर जाये पर एक वेइदेशी रिश्वत देने वाली कंपनी नहीं जनि चाहिए , क्या हुआ भोपाल में हजारो मर गए मगर anderson को राजीव गाँधी ने भेज दिया अमेरिका , एक अमेरिकेन नागरिक की जान जाये तो अमेरिका हमला कर देता है, पर वो हमारे देश के कितने भी नागरिको की जान लेले , पर हम तो नौकर हे ना उनके --गुलाम गद्दार नेता हमारे ज़मीर के साथ साथ देश भी बेच दिया और स्वाभिमान भी "
हमारा पर्यावरण बर्बाद हो रहा है , पेड़ कट रहे हैं , लाखों लोग कैंसर से मर रहे हैं, देश गन्दा हो रहा है इन गुटखे की पीको से , global warming का खतरा, और देश का करोड़ो रूपया ये विदेशी कंपनियां ले जा रही हे ?????????
क्या अब भी सर्कार के पास कोई तर्क हे , अगर आप के पास है तो बताइए के क्यों इस देश में सिगरेट , शराब और गुटखे पर ban नहीं है ! सिर्फ एक वार्निंग :-
"SMOKING IS INJURIOUS TO HEALTH"
अगर खतरनाक हे तो बंद करो , और सरकार नहीं करती तो हम कर देंगे बस लोगो को आगे आना होगा, पूछो सरकार से सवाल या मरो और अपने बच्चों को भी नशे की लत में मरते हुए देखो ?????? फैसला आपका है?????
में लडूंगा ???? क्या आप साथ हे?????
मै बोलता हूँ आज सरकार से के बंद करो ये शराब सिगरेट और बीडी और गुटखा इस देश में .......
और पूछता हु एक सवाल इन्सान की जान ज्यादा कीमती होती है या चन्द कागज के टुकड़े ........जवाब सरकार के साथ साथ आम लोगो को देना है , पूछिए अपने आप से ???
जय हिंद जय भारत
---------------- Note: Content of this blog post is writer's personal opinion and may not be SanghParivar.org or Sangh's view.- THE SHUBHAM's blog
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Comments
me sabhi yuwaon se apeal
me sabhi yuwaon se apeal karunga ke sari gutkha aur cigeratte ki dukano se ye sara maal khareed lo aur netaon ke bachhon ko free me do aur sab schoolon me media ke samne free me baton aur ek dhumrpaan diwas manao jis din samuhik roop se sab milkar cigeraate sharab aur gutkha khao aur thooko netaon ke ghar ki deewal par bolo aapne he to legal kia hai hum aapke bachon ko b pilayenge aur khud bhi piyenge
yahi ek gandhigiri wala tarika hai
THE SHUBHAM V
Pyare shubham ji, Aapne jo
Pyare shubham ji,
Aapne jo bhi sawal uthaye wo sab durusth hai. Iss mein koyee shanka nahee. Lekin sawal ye hai ki kya iss mulk mein ye sab hosaktha hai.Sharaab par paabandi lagaaneke liye kayee rashtr koshish kee hai. Lekin wo sab asafal rahe.Tambaku se bane bahuse padaarth jaisa Gutkha yaa kheni shareer ke liye haani karak hai aur sarkar ne isse bazar mein bechna rok diya ( Khaskar Gutka). Lekin ye sab kaam khule aam jaari hai. Sharaab ka dandha rashtra ke liye bahut hee laabh dayak hai.Aur rashtra ko kaafi paisa milta hai. Kuch maheeno pahle AP rashtra mein sarkar ko kewal tender deposit ke zariye hazaaro karod paise rupaya mile. Baki rashtra mein bhee yahee haal hoga. Sarkar kabhee sharaab band nahee karegi Kyo ki iss dandhe mein kafi badi hasthi shamil haiaur hera feri bhee. Wo ise kamyab hone nahe denge. Jab tak insaan apne aap par pabandi nahee lagayega tab tak iss samaj tadapthe rahegi.Tambaku ka vikray aur cigarette ya beedi ka vikray bhee iss prakar hai. Khali sarkar kuch nahee karsakti. Jab koyee bhi vasthu par sarkar pabandi laggati hai, turant log uske peeche doudna shuru kardenge. Aadmi ka swabhaav ek bandar se milti julti hai.
Mujhe aapke vichar se bahut hee khushee huyee. Lekin ye sab kamyabi se bahut door hai. Aaj manushy bahut hee gir chuka hai. Wo kewal bahya sukh ke taafr daud laga raha hai aur iska koyee jawab nahee. Bahut se mahaan vyakti jaise Sankaracharyaji,Buddha, Dayanandji, vivekanandji, Ramkrishna aur kayee saadhu sant apne desh mein janm lekar desh ki janata ko sahee raasthe par chalaneka prayaas kiye . Lekin apni jaati mein koyee sudhaar naheehua. Log, khas kar yuvak, aur yuvathi paaschyaat naagarikatha sanskar ka gulam ban chuke hain aur unki Buddhi sahee rasthe par nahee hai. Pub culture iss desh mein ek beemari ban kar phailgayee hai. Ye sab kaaran madhya nazar rakhte hue kya ham soch sakte hain ki iss desh mein Tambaku, cigarette, aur sharab par kathin paabandi hosakti hai ?Shayad ye naa mumkin hai.Jawaab aap ko turant miljayega.Aap iss par aur gaur kare aur apne vichar prakat karne ka kasht kare.
Dr K Prabhakar Rao
vandaniy shubham ji me aap
vandaniy shubham ji me aap ki bat se sahmat hu me aap ke sath hu
pyare Dosto, Ye baat bahut
pyare Dosto,
Ye baat bahut hee dardneey hai ki pichle 64 saalo mein iss desh ke sarkar ne khali loot maar kee hai. Aaj koyee bhi sarkaari vibhaag nahee jo paisa lootne ke chakkar mein naho. State aur center ke pure vibhaag isee kaam mein lage hain. Jo loot maar AP rashtra mei ho rahee hai shaayad desh mein aur koyee jagah mein nahee hai.Brashtachaar ke liye AP prasiddh hai. Bihar se bhee zyada hai.Raashtra ke ek neta ne Bangalore mei 20 acre zamin mei ek bada mahal banaya hai aur AP sarkar ko pataa nahee. Agar pata bhi hai woh mu band kee hai. Rashtra ke divangat CM ke khilaf brashtachaar ka aarop hai. Log kahte hai ki mare hue neta ke khilaf kuch nahee bolna chahiye kyon ki wah apni sachhayi ke baare mein bol nahee sakta.Ye sab kewal ek naatak hai. Loot maaar tho zaari hai.Congress party ne bahut saal se raaj kar rahee hai. Wo sab kuch jaantee hain lekin paisa kisko nahee chahiye. Vaastav ye hai ki koyee ek paisa bhee saath nahee lejaaata.Kya hua YSR kaa. Ek pal me gayab ho gaye. Vapas nahee aaye. Poora paisa , mahal, bank account, haveli, motor car, sab kuch duniya mein chodkar gayab ho gaye. Phir bhi manush paise ke piche daud laga raha hai. Ye paisa beimani ki paisa hai.Ye baat bahut hee lajja janak hai ki apne desh ke neta kewal lootne ke chakkar mei hai. Saare deshwaasiyon ko aise netawonko ek sabak sikhaana hai jise woh zindagi mei kabhi nahi bhoolenge.
JAI HIND
Dr K Prabhakar Rao
Swatantr Bhaarat Me Vikas Ke
Swatantr Bhaarat Me Vikas Ke Naam Per Khuli Loot,Sanskaro Ke Sath Khilwad-Sharir Swasthy-Paryavaran Ke Saath Khilwad Sirf Paisa Hi Paisa Naa Baap Bada Na Bhaiya Sabse Bada Rupaiya,Ghulami Ke Dour Me Ghulami Naam Par our Aazzdi Ke Baad Aazadi Ke Naam Per Loot Loot Or Sirf Loot...Machi Hai Aakhir Kab Tak Chalega Ye? Kya is Swatantr Bhaarat Me Koi Sarkar Naam Ki Cheej Hai? Kya Kiya Sarkar Ne In 64 Varshon Me? In Sabhi Sawalon Ka Kya Uttar Degi Congress Jisne Is Desh Me lagbhag 59 Varshon Tak Kewal Raaj Sirf Raaj Hi Raaj Kiya Jo Aaj Bhi Raah Hi Hai-VIJAY SONI ADVOCATE DURG CHHATISGARH