RASHTRABHASHA HINDI KI HALAT HINDUSTAN ME

HINDI- RASHTRA BHASHA KI HALAT HINDUSTAN ME
HINDI HUMARI RASHTRA BHASHA JIS PAR HUME GARV HAI AUR HONA BHI CHAHIYE.
WO HINDI JISNE HINDU AUR MUSLIM SABHYATA KO EK KIYA, JISE AZADI KE SAMAY SARE DESH NE APNAYA.HINDI ME LIKHE AKHBARON KI WAJAH SE SARA DESH ANGREZO KE KHILAF EK HUA..........
ZARA DEKHEN KYA HALAT HAI US HINDI KI AAJ DESH ME-

MADHYA PRADESH, UTTAR PRADESH, BIHAR, JHARKHAND,UTTRAKHAND, CHATTISGARH,PUNJAB, HARIYANA,RAJASTHAN, DELHI

ITNE SARE PRADESH HINDI BOLTE THE ISLIYE DESH KI RASTRA BHASHA HINDI BANAI GAYI THI LEKIN AAJ:-
1)MAHARASHTRA ME RAJ THAKREY KE GUNDE HINDI BOLE WALO KO MAR RAHE HAIN
2)RAHUL RAJ (BIHAR) KO MAHARASHTRA POLICE NE MAR DIYA FAQ ENCOUNTER ME.
3)DHARMDEV RAI(UP) KO KUCH LOGO NE LOCAL TRAIN ME MAR DIYA KYONKI WO MARATHI AHI HINDI BOLTA THA AUR HINDI BHASHI PRADESH SE AAYA THA.
4)JO STUDENTS MUMBAI ME RAILWAY KA EXAM DENE GAYE THE UNHE RAJ THAKREY KI NAV NIRMAN SENA NE MAR RA.
5)NOVEMBER KE PEHALE WEEK ME ASSAM ME 2 HINDI BHASHIYON KO MARA DIYA GAYA.
6)TAMIL NADU ME AAJ BHI BOLA JATA HAI HUM RASTRA BHASHA TAMIL KO MANTE HAIN HINDI KO NAHI.
7)MADRAS ME KOI AAPSE HINDI ME BAT NAHI KAREGA
INDIA KE KAI SARE STATES ME LOG HINDI JANTE TAK NAHI

.JIN ANGREZO NE HUM PAR 150 SAL RAJ KIYA UNKI BHASHA ENGLISH BOLNA LOG APNI SHAN SAMAJHTE HAIN AUR HUMARI APNI RAHTRABHASHA BOLNE ME SHARM AATI HAI.

#IN CALL CENTRES -
AAJ KOI BHI YUVA CALL CENTRES ME JOB KARNE JATA HAI YA MULYI NATIONAL COMPANY ME TO USE APNI MTI AUR RTI THIK KARNI PADTI HAI KYA HAI YE MTI AUR RTI.......

YE HAI MOTHER TONGUE YA REGIONAL TONGUE INFLUENCE. MATLAB HUMARI MATRBHASHA YA KAHE RASHTRABHASHA JIS PAR HUME GARV HONA CHAHIYE, US PAR LOG SHARM KAR RAHE HAIN. CALL CENTRES YA MULTI NATIONAL ME INTERVIEW LENE WALE LOG KEHTE HAIN LOG KAHTE HAIN AAPKI BHASHA ME MTI HAI YA RTI HAI.

SHARM AANI CHAHIYE JO BAT GARV KARNE KI HAI KI HUME HINDI AATI HAI HUMARI BHASHA US PAR LOG SAWAL UTHA RAHE HAIN

AAJ HAR NAUKRI ME HINDI NAHI ENGLISH CHAHIYE AGAR GOVERNMENT KOANGREZO KI HI GULAMI KARNI THI TO DESH KI RASHTRABHASHA HINDI KYON BANAI GAI.

AAJ RUSSIA AUR CHINA JAINSE DESH APNI BHASHA KE DUM PAR DEVELOPED HAIN PHIR BHI HUM APNI BHASHA KA ADAR NAHI KAR PA RAHE HAIN.

TAB BHI AAJ KUCH LOG HAIN JO HINDI KO BACHAYE HUE HAIN.

THINK ABOUT IT

JAI HIND
JAI HINDI

JAI HINDI

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Comments

hkvsanghparivar's picture

छा जाएँ विश्व में

अपनी भाषा का स्वाभिमान हम भारतीयों की पहचान बननी चाहिए . अगर हम हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करें , सामान विचारों का प्रवाह पूरे देश में हो जाये तो १२१ करोड़ की जनसँख्या वाला यह देश पूरे विश्व को अपनी भाषा से अपनी मुट्ठी में कर सकता है. आज चीन की भाषा मंडारिन विश्व की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बनती जा रही है. उन्होंने अपनी भाषा की पहचान बनाने के लिए विदेशज शब्दों के प्रयोग पर रोक लगा दी है या उन शब्दों के समकक्ष चीनी भाषा लिखना अनिवार्य कर दिया है. इसका यह चौंकाने वाला परिणाम आ रहा है कि अब चीनी भाषा इंटरनेट की भाषा बनकर अंग्रेजी का स्थान लेने वाली है.भविष्य की इस आहट को हम पहचाने , हम अंग्रेजी पढ़े ,लिखें, बोलें पर इसके साथ साथ हम भारतीय विश्व में जहाँ भी हों , हिंदी के प्रयोग में गौरव महसूस करे, इसका अधिकाधिक प्रयोग कर इसे लोकप्रिय बनायें, जन जन की भाषा बनायें और अंततः पूरे विश्व में छा जाएँ.
जब एक गाँधी सत्य और अहिंसा का आधार लेकर भारत को दासता की बेड़ियों से मुक्त करा सकते हैं, एक जयप्रकाश नारायण भारत की युवा शक्ति को जागृत का मदांध नेताओं को सत्ता की गद्दी से बेदखल कर सकते हैं, एक अन्ना हजारे अपने आत्मबल से भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई लड़कर केंद्र सरकार को झुका सकते हैं तो हम भी लोकशक्ति को जगाकर राष्ट्रभाषा हिंदी को स्थापित करने के लिए संविधान में परिवर्तन करा सकते हैं, आइये , हम अपना संघर्ष जारी रखें और ईश्वर से प्रार्थना करे की प्रांतीय भाषा का राग अलापने वालों को सदबुद्धि प्रदान करे.

hkvsanghparivar's picture

हिंदी को राष्ट्रभाषा क्यों न कहें ?

हम भारत को 'भारत माता' कहते हैं. यह भारत के संविधान में नहीं लिखा है. गौ माता कहने का कानून भी भारतीय संविधान में नहीं है पर हम पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ गौ माता कहते हैं. आस्था का विषय संविधान तय नहीं करता इसे जनभावना और लोक आस्था तय करती है. भारत के स्वतंत्र होने के बाद हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा होती अगर आप सरीखे प्रांतीय भाषा विवाद खड़ा करने वाले लोग नहीं होते. आज सभी प्रगतिशील देश अपनी राष्ट्रभाषा का आधार लेकर पूरे विश्व में अपनी प्रगति का डंका बजा रहे हैं और हम हैं की प्रांतीय भाषा का विवाद खड़ा कर अपने ही देश की इज्जत मिटटी में मिला रहें हैं. यह सही है की हिंदी को संविधान ने राष्ट्रभाषा घोषित नहीं किया है पर देश का जनमानस अगर एकजुट होकर हिंदी को राष्ट्रभाषा की मान्यता देने उठ खड़ा हो जाए तो हम भी विश्व में अपनी गौरव गाथा का उदघोष कर सकते हैं. आवश्यकता है , अपने ह्रदय को विशाल और उदारमना करने की.

Suniltkkumar's picture

hindi harama rastrabhasha

hindi harama rastrabhasha nahi hain. na kabhi tha na kabhi hoga.. Please read the indian constitution for reference..!!

Spread Love, Spread knowledge

an Indian's picture

कृपया

कृपया हिंदी को राष्ट्रभाषा से संबोधीत न करें । भारत में विविध प्रकारकी भाषाओंका उपयोग किया जाता है। सभी राज्य अपनी अपनी भाषा को आदरपूर्वक उपयोगमें लाते है एवम् किसी भी प्रदेश की मातृभाषा सर्वश्रेष्ठ है लेकीन भारतमें किसी एक भाषा को राष्ट्रभाषा का सन्मान देना उचीत नही तथा यह प्रादेशीक अस्मिता के खिलाफ है। भारत के संविधान में हिंदी भाषा भारत की राष्ट्रभाषा नही है । इसकी पुष्टी हो चुकी है । सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गयी भारत की राष्ट्रभाषा के संबंध में पुछे गये सवालों पर केंद्र सरकार के राजभाषा विभाग ने ‘हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषीत करने के संबंध में संवीधान मे कोई प्रावधान नही है’ यह उत्तर दिया है ।

केंद्र सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा जारी पत्र देखें
http://amrutmanthan.files.wordpress.com/2010/01/e0a485e0a4aee0a583e0a4a4...

अतः आपसे अनुरोध है की हिंदी को राष्ट्रभाषा सें संबोधीत न करे तथा लोगोंको इस बात पर गुमराह न करें ।

hkvsanghparivar's picture

हिंदी को राष्ट्रभाषा क्यों न कहें ?

हम भारत को 'भारत माता' कहते हैं. यह भारत के संविधान में नहीं लिखा है. गौ माता कहने का कानून भी भारतीय संविधान में नहीं है पर हम पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ गौ माता कहते हैं. आस्था का विषय संविधान तय नहीं करता इसे जनभावना और लोक आस्था तय करती है. भारत के स्वतंत्र होने के बाद हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा होती अगर आप सरीखे प्रांतीय भाषा विवाद खड़ा करने वाले लोग नहीं होते. आज सभी प्रगतिशील देश अपनी राष्ट्रभाषा का आधार लेकर पूरे विश्व में अपनी प्रगति का डंका बजा रहे हैं और हम हैं की प्रांतीय भाषा का विवाद खड़ा कर अपने ही देश की इज्जत मिटटी में मिला रहें हैं. यह सही है की हिंदी को संविधान ने राष्ट्रभाषा घोषित नहीं किया है पर देश का जनमानस अगर एकजुट होकर हिंदी को राष्ट्रभाषा की मान्यता देने उठ खड़ा हो जाए तो हम भी विश्व में अपनी गौरव गाथा का उदघोष कर सकते हैं. आवश्यकता है , अपने ह्रदय को विशाल और उदारमना करने की.

leepa panda's picture

Hindi hamari rastra bhasa

Hindi hamari rastra bhasa hai lekin ajj ke is computer ki dur par hamari ye halat hai ki hume hindi bhi engregi me type karni pad rahi .lipi ka koi mahatwa hi nahi hai key borard mein bhi engregi ke akshar ko type kiya jasakta hai lekin hindi jab karna cahe to uske liye dusre jariya ko dhundana padta hai .ye hai hamari rasta bhasa ki paristhithi.