1. भारत में कोई भी व्यक्ति या समुदाय किसी भी स्थिति में जाति, धर्म,भाषा,क्षेत्र के आधार पर बात करे उसका बहिष्कार कीजिए ।
2. लच्छेदार बातों से गुमराह न हों ।
3. कानूनों को जेबी घड़ी बनाके चलने वालों को सबक सिखाएं ख़ुद भी भारत के संविधान का सम्मान करें ।
4. थोथे आत्म प्रचारकों से बचिए ।
5. जो आदर्श नहीं हैं उनका महिमा मंडन तुंरत बंद हो जो भी समुदाय व्यक्ति ऐसा करे उसे सम्मान न दीजिए चाहे वो पिता ही क्यों न हो।
6. ईमानदार लोक सेवकों का सम्मान करें ।उनको हताश न होनें दें
7. भारतीयता को भारतीय नज़रिए से समझें न की विदेशी विचार धाराओं के नज़रिए से ।
8. अंधाधुंध बेलगाम वाकविलास बंद करें ।
9. नकारात्मक ऊर्जा उत्पादन न होनें दें ।
10. देश का खाएं तो देश के वफादार बनें ।
11. किसी भी दशा में हुई एक मौत को सब पर हमला मानें ।
12. देश की आतंरिक बाह्य सुरक्षा को अनावश्यक बहस का मसला न बनाएं प्रेस मीडिया आत्म नियंत्रण रखें ।
13. केन्द्र/राज्य सरकारें आतंक वाद पे लगाम कसने देश में व् देश के बाहर सख्ती बरतें ।
14: वंदे मातरम कहिये
मित्र ये देश तुम्हारी वजह से नहीं मज़दूरों,सिपाहियों,किसानों,युवाओं का देश है देश जो मुंबई है जिसे कई बार तुम "आमची मुंबई"कह कर देश को दुत्कारतें हो । तुम सभी रुको देखो मेरा देश तुम्हारा नहीं उन वीर बांकुरों का कृतज्ञ है जो मुंबई को बचाने शहीद हुए । तुमने कहा था न कि यह तुम्हारी मुंबई है ....मुर्खता पूर्ण विचार था जिसे सच मान रहे थे सच कहूं ये मुंबई,ही नही समूचा देश समूचे देश का है । एक आम आदमी - क्या सोचता है शहीदों तुम्हें आतंकियों की गोली ने नहीं मारा , । सच के करीब जा रहा है मेरा देश मित्र सुनो उनकी बोलती आंखों की आवाज़ को ,
आज महाशक्ति के वरिष्ठ सदस्य और हिन्दी चिट्ठाकारी के नामी चिट्ठकार श्री गिरीश बिल्लोरे '' मुकुल'' जी का जन्म दिवस है। गिरीश जी महाशक्ति समूह ब्लाग के स्थापना के समय से जुड़े हुये है और अपना आशीष और मार्ग दर्शन हम सभी को निरन्तर प्रदान करते रहते है। जन्मदिवस पर हम सभी लोग यही कामना करते है कि वे हमेशा इसी प्रकार अपना स्नेह हम पर बनाये रखे। महाशक्ति समूह उन्हे उनके 45 जन्म दिवस पर बधाई देते है और कामना करते है कि जियो हजारों साल, साल के दिन हो पचास हजार
तलाशने गया था वह
अपनों के कातिलों को
कातिल पकड़ा गया
तो कोई
अपना ही निकला
फिर मारा गया वह
अपना कर्तव्य करते हुए,
अब तो शर्म
करो!
मेरी कल की पोस्ट पर आचार्य द्विवेदी जी की उपरोक्त टिप्पणी का जवाब मैंने प्रकाशित किया है
आदरणीय द्विवेदी जी
धन्यवाद
मेरी पोस्ट मीडिया द्वारा आतंकवाद को धर्म के नाम पर महिमांमंडित जिस तरह से
मीडिया ने किया है ..इस बात पर है..हिंदु आतंकवाद...मुस्लिम आतंकवाद....इस एपीसोड
ने आतंकवाद के खिलाफ लङाई को कमजोर किया है.....देखा जाये तो ये किसी देशद्रोह से
कम नहीं.....सिर्फ और सिर्फ हिंदु को बदनाम करने की जिद मैं वे लोग भूल गये कब वे
देश मैं फैले आतंकवाद का समर्थन करने लगे.....आप के विचार से क्या किया है ताज पर
हमले करके इन आतंकवादियों ने....साध्वी के हमले का बदला ही तो लिया है
....अल्पसंख्यकों पर हमलों का बदला ही तो लिया है(ये भी उन्होने चैनल वालों को फोन
करके ही बताया है...क्यों कि वे ही इन मजलूमों की आवाज को आप जैसे बुद्धिजीवियों तक
पहुंचा सकें ....जो गला फाङ फाङ कर फिर ये बता सकें कि देखों मैं तो एक धर्म पर
विश्वास न करने वाला मिस्टैकनली बोर्न हिंदु हूं....और देखो ये लोग जो कर रहे हैं
बिचारे इनके पास करने के लिए औऱ कुछ नहीं बल्कि इन्होने तो ये सब करना ही था
)
वैसे हो सकता है आपका शर्म करने का क्राईटैरिया कुछ अलग हो......मुझे तो तब भी
शर्म आ रही थी जब साध्वी को ...हिंदु को ...बदनाम करने के चक्कर मैं मीडिया बार बार
बिना साबित हुई चीजों को बार बार दिखा रहा था औऱ ये साबित करने मैं लगा था कि
आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद नहीं होता ...ये हिंदु होता है और मुसलमान भी होता
है.......इसलिए यदि कोई आतंकवादी घटना हो तब सोचे कि किसने की और फिर ये निश्चित
करें कि क्या करना है....
मुझे तो आज भी उतना ही दुख है ..गुस्सा है...आक्रोश है......और
इस सब के लिए कुछ करने की जबर्दस्त इच्छा है....बिना ये सोचे की वे हमलावर हिंदु थे
या मुसलमान.....वे सिर्फ आतंकवादी नहीं हैं बल्कि देश के दुश्मन हैं......मेरे
दुश्मन है...भारत माता के दुश्मन हैं(एनी आब्जेक्शन)
....ये बिना सोचे समझे ..विना पूरी पोस्ट पढे....बिना उसका सार समझे आपको शर्म
आनी चाहिये या मुझे सोचने का विषय है...श्री हेमंत करकरे की शहादत के बारे मैं शायद
आपसे कुछ ज्यादा ही गंभीर हूं मैं.....मेरी पोस्ट की अंतिम पंक्तियों मैं उनकी
शहादत को नमन किया गया हैं........
प्रिय मित्रो,
सादर नमस्कार,
मैं तरुण जोशी नारद पुनः आप सभी की सेवा मैं उपस्थित हूँ, मित्रों मैं अपने समूह की एक web site बनाकर समर्पित करना चाहता हूँ. कृपया कर सभी मित्र गण अपने बारे में सुचनाये मुझे भिजवाने की कृपा करे,मेरा e mail id है ceo-operations@in.com , सभी पाठक भी अपने फीड बैक भेजे.
तरुण जोशी " नारद"
बंबई मैं आतंकी हमला फिर हुआ आज तक का सर्वाधिक भीषण हमला...और ये पूरे गुस्से मैं किया गया खूब बम फोङे गये और दबाके खून बहाया गया....बाकायदा चैनलों को नाम भेजकर नाम बताया गया....अब आप सोचेंगे कि क्या कारण रहा होगा कि वे लोग इतने गुस्से मैं थे...अरे भई सीधी सी बात है..खरचा वो करें और ए टी एस फैमस दूसरों को कर रहा है ..वो भी फोकट मैं.
गुस्सें गुस्से मैं उन्होने उस काचरे के बीज को भी निपटा दिया हेमंत करकरे साहब को ...कि इसी शख्स का किया धरा है ये सब.
भला हो डैक्कन मुजाहिदीन का कि उन्होने बजरंग दल या अभिनव भारत का या विहिप का नाम नहीं लिया नहीं तो ये हमारे बुद्धु बक्से वाले भौंपु अब तक ये आरती सुना सुना कर कानों को फोङ डालते और सुबह के अखबार मैं बम विस्फोट की जगह सुर्खियों मैं हिंदुवादी ताकतों पर प्रतिबंध की खबरें मुख पृष्ठ की शोभा बढा रही होती.
हेंमंत करकरे आतंकवादियों से लङते हुए शहीद हुए मेरा उनकों अन्य पुलिस वालों को और जितने भी लोग इस देशद्रोही आतंकी कार्यवाही मैं मारे गये उनको सबको शत् शतम नमन
आज खबर पढ़ रहा था तो पढ़ने में आया कि कोई हालीवुड स्टार ह्यूं जैकमैन 2008 के सबसे कामोत्तेजक अर्थात Sexy पुरुष चुने गए है। भारतीय के लिये शर्म की बात यह की भारत का को नंग धडग आदमी इस दौड़ में शामिल नही हो पाया। जॉन अब्राहम, सलमान, हासमी पता नही कितने कपड़ा उतारू एक्टरों की मेहनत पर बट्टा लग गया। ये भारतीय एक्टर कितनी मेहनत करते है कमोत्तेजक कहलाने में किन्तु हो गया ढ़ाक के तीन पात, देश की बात होने पर सिर्फ इन्ही के चर्चे होते है किन्तु जहॉं विदेश की बात आती है, दुनिया में इनका नामो निशान नही होता है, बिल्कुल क्रिकेट खिलाडियों की तरह भारत में जो खेलने आता है उसे पटक के हरा देते है, किन्तु जब विदेश दौरे में हार जाते है तो कहते है कि बेईमानी कर के जीत लिये, खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे, ऐसे है भारतीय एक्टर और भारतीय क्रिकेट टीम।
आज कल तो सेक्स और सेक्सी दोनो ने समाज में बहुत गंदा वातावरण फैला दिया है। इसी में रामदौस भी अड़ गये है कि अब मर्द की शादी मर्द से करा के ही दम लेगे, चाहे मनमोहन साहब कितने खफ़ा क्यो न हो ? मनमोहन साहब भी करे तो करे क्या चार दिन के मेहमान जो ठहरे पता नही अगली बार कुर्सी मिले भी कि न मिले, गे मामले में उनकी रूचि देख कर लगता है कि शायद कही साहब अपने लिये नये पार्टनर तो नही खोज रहे है, अब पता चला कि Sexy Man ऐसे लोगो के लिये चुना जाता है अब तो उन्हे सबसे कमोत्तजक पुरूष ह्यूं जैकमैन पंसद आ ही जायेगे सूत्रों से पता चला है कि उन्हे पीएम इन वेटिंग से जितना खतरा नही है उससे ज्यादा राहुल बाबा से है। चुनाव का समय है सुनाई दे रहा था कि राहुल बाबा को 84 के सिक्ख दंगो का खेद है, मुस्लिम इन्दिरा दादी ने सिक्खो पर दंड़ा करने में कसर नही छोड़ी थी अब ईसाई पुत्र राहुल हिन्दुओं पर दंड़ा किये पड़े है। चुनाव आ रहा है तो राजनीति खेली ही जायेगी, वो चाहे अच्छी हो या गंदी राजनीति तो राजनीति होती है, आज कल केन्द्रीय खाजने में कमी की खबर आ रही है, जॉच करने में पता चला कि कुछ मनमोहन साहब मैडम के आदेश पर अमेरिका के गरीब में बॉट आये और जो कुछ बचा वो मुस्लिम अनुदान आयोग में चला गया, मुस्लिम छात्रों को वजीफा।
खैर बहुत बेबात की बात हो गई, पर रामदौस वाली बात शतप्रतिशत सही है, तभी वे समलैंगिक (gay) सम्बनधों के पीछे पड़ा है, पहले से ही यह आदमी बद्दिमाग लग रहा था किन्तु आज कल चुनाव में हार के डर पता नही क्या क्या कर रहे है। कुछ लोगो का कहना है कि इसमें गलत क्या है तो मेरा कहना है कि हर प्रश्न का उत्तर नही होता है। अब भाई आका वही है तो जो करे सर आखो में, अब वो मर्द को दर्द देना चाहते है तो हम क्या कर सकते है, हमारी Constituency से भी नही है कि हम उन्हे उनके कृत्य से रोकने के लिये वोट न देने की घमकी दे सकते है। अगर वे हमारी Constituency से होते भी तो कोई फर्क नही पड़ता, वे इतना सब पड़ने के बाद स्यवं जान जाते कि बंदा हमको तो वोट नही ही देगा।
खैर शेष फिर .................