दस हजार बच्चों ने बाल महाकुंभ मे भाग लिया

 

त्रिदिवसीय  'सरस्वती संस्कार केन्द्र बाल महाकुंभ ०७' का आयोजन  विश्व प्रसिद्ध श्वेत शेरो के नगरी रीवा ,(मध्य प्रदेश, भारत) मे  दिनांक 26-10-07 से 28-10-07 तक  हुआ . सेवा बस्ती से,समाज के पिछड़े वर्गों से दस हजार बच्चों ने भाग लिया .बच्चों की उम्र ८ से १४ वर्ष के बीच थी .करीब तीन हजार  कार्यकर्ताओं एवं अभिभावको ने कार्यक्रम को सफल बनाने मे सहयोग किया .13 हजार लोगो के रहने के लिये रीवा के अभियंत्रिकी विद्यालय की 28 एकण भूमि पर महर्षि वाल्मीकि महानगर बनाया  गया .महानगर को 12 अलग अलग नगरों मे बाटा गया ,इन नगरो मे तम्बूओ पर  कुल 216 कुटियो  मे बालक बालिकाओ ,शिक्षको , शिक्षिकाओ , अभिभावको , साधू संतो के निवास , विद्यूत ,जल ,स्नान,शोच, चिकित्सकीय व्यवस्था की गयी .  प्रत्येक  12 नगरो मे  अलग अलग भोजनालय, रंगमंचीय कार्यक्रम हेतू सभागार ,प्रदर्शनी कक्ष  बनाये गये . केन्द्रीय कक्ष मे शानदार प्रदर्शनी लगायी गयी . 25 अक्टूबर की शाम से बच्चे  शिविर मे आ गये.

कार्यक्रम का उदघाटन समारोह 26 अक्कटूबर की शाम 4 बजे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह श्री मदन दास जी ,पुज्य संत महामन्डलेश्वर डा0श्याम दास जी महाराज एवं मध्य प्रदेश शासन के मंत्री श्री लक्ष्मी कांत  शर्मा ,विद्या भारती के संगठन मंत्री श्री ब्रम्ह्देव जी शर्मा के मुख्य आतिथ्य मे सम्पन्न हुआ .

इस अवसर पर मुख्य वक्ता मा0 मदन दास जी ने देश समाज की उपेक्षित सेवा बस्तियो  मे ,संस्कार केन्द्र मे , सरस्वती संस्कार केन्द्र के शिक्षको द्वारा की  जा रही गतिविधियो का उदाहारण देते हुए कहा कि जब तक  समग्रता के साथ सब का विकास नही होगा , प्रेम, स्नेह, आत्मीयता के  भाव जब  तक  एक दूसरे के लिये जाग्रत नही होगे तब तक विकास  नही होगा .केवल आर्थिक सहयोग देने भर से काम नही चलेगा. संगठन मंत्री श्री ब्रम्ह्देव जी शर्मा ने बताया जम्मु कश्मीर ,लद्दाख से लेकर सम्मपूर्ण रास्ट्र मे30 हजार से अधिक संस्थाये चलती है. जहा 18 हजार से अधिक शिक्षक 6 लाख 40 हजार से अधिक विद्यार्थी  अध्ययन  कर रहे है .इसी प्रकार 850 संस्कार केन्द्र केवल मध्य प्रदेश मे ही चलते है .

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